अब तक जो हमने पाया वो हक की बात थी
गर वो ना मिल सका तो लानत की बात थी
या ख़ुदा जब भी सोचा तो सोचा बस उन्हें
एक बार भूलना भी तो हिम्मत की बात थी
ना अभी का हैं जूनून ना आज की हैं बात
सदियों से गुम दिलो के मिलने की बात थी
हो जाये गर मेहरबां वो आज "मान" पर
तो ये समझना कि ज़िन्दगी भी कल की बात थी________!!!
गर वो ना मिल सका तो लानत की बात थी
या ख़ुदा जब भी सोचा तो सोचा बस उन्हें
एक बार भूलना भी तो हिम्मत की बात थी
ना अभी का हैं जूनून ना आज की हैं बात
सदियों से गुम दिलो के मिलने की बात थी
हो जाये गर मेहरबां वो आज "मान" पर
तो ये समझना कि ज़िन्दगी भी कल की बात थी________!!!
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