Thursday, December 16, 2010

Meri Kavitaayen

मन के किसी कोने में कविताये जन्म लेती है, एकांत के विचारो को सरे आम जो कह देती है

एक नहीं कई भावो को बस एक ही में कह देती है
पल भर के विचारो को प्रतिपल के लिए कहती है 

हताश को आस ] निराश को आशा और रंगों को चमक देती है
भाषा को आभूषित कर हर बात पूरी कर देती है

सागर के ह्रदय में जितने रत्न छिपे होते है
कवि ह्रदय के सागर में उतने जतन छिपे होते है

कभी यादों की महक पर कभी प्रेयसी की झलक पर
कभी मुस्कुराने पर तो कभी रूठ जाने पर

कभी भावों की लहर पर कभी विचारो की डगर पर
कभी मद में दुबे हुए शायर की  धुन   पर

अपनों के खिलखिलाने पर गेरों के तिलमिलाने पर
कभी अपनी मुफलिसी पर कभी जाम छलक जाने पर

मन के किसी कोने में कविताये जन्म लेती है

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