Sunday, April 22, 2012

Reet

इतनी ग़ज़ल  इतने गीत
तुझसे  प्यार  मेरी  जीत
तेरा  साथ  तेरी  प्रीत
काश!  इतनी  ही होती  दुनिया की रीत...!!!


 

तू ही नाम तू ही मान

तुझसे रोशन सुबह-ओ-शाम

तू ही चाँद तू ही दीप

तू ही मोती तू ही सीप...!!!


its still incomplete....... need suggestions........


 

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