खामोश राहो में तेरा साथ चाहिए
तनहा है मेरा हाथ तेरा हाथ चाहिए
मुझको मेरे मुक़द्दर पर इतना यकीन तो है
तुझको भी मेरे लफ्ज़ मेरी बात चाहिए
मैं खुद अपनी शायरी को क्या अच्छा कहु
मुझको तेरी तारीफ तेरी दाद चाहिए
मोहब्बत का एहसास सिर्फ तेरे लिए है लेकिन
इश्क के जूनून को तेरी सौगात चाहिए
तू मुझको पाने की ख्वाहिश रखता है लेकिन
मुझको तो जीने के लिए बस एक मुलाक़ात चाहिए..........!!!!!!
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