मैं पल हूँ एक या एक सदा
तू याद कर या भूल जा
मुझको फ़र्क पड़ता नहीं
ना तुझसे ही बस रिश्ता मेरा
मैं हूँ तो तू भी हैं यहाँ
मेरे बिन तेरा क्या हैं निशान
तू हैं नहीं कुछ भी नहीं
बिन आसमाँ जैसे ज़मीं
हाँ लगे भला या लगे बुरा
मुझको हैं क्या मुझको हैं क्या
मैं खुश नहीं तो तेरी खता
तू खुश नहीं तो मत जता
तुझसे मेरा जीवन जो था
खुद ही तूने हाँ मिटा दिया
बस अब नहीं हाँ अब नहीं
हो चुका बहुत जो भी हुआ
तुझसे रखूँ मैं क्यों वास्ता
तुझसे मुझे मिलता हैं क्या
बस अजनबी हाँ अज़नबी
बन के रहेंगे हम यहाँ
मैंने सही तेरी हर एक अदा
शिकवा भी कब कोई किया
तू जो खिलखिला के हँसी कभी
मैंने अपने ग़म को छुपा लिया
रोई जो कभी मुझे कर के याद
पल भर में तुझको हँसा दिया
अब कह भी दूँ तो होगा क्या
मैं कैसे तुझको दूं सजा
मेरा दिल ही मेरा साथी न हुआ
किसी और की गलती है क्या
जा माफ़ तुझको कर दिया
मुझे भूल जा मुझे भूल जा
अब बस रहम करना इतना
कि न देखूं कभी चेहरा तेरा
मैं पल हूँ एक या एक सदा
तू याद कर या भूल जा......
तू याद कर या भूल जा
मुझको फ़र्क पड़ता नहीं
ना तुझसे ही बस रिश्ता मेरा
मैं हूँ तो तू भी हैं यहाँ
मेरे बिन तेरा क्या हैं निशान
तू हैं नहीं कुछ भी नहीं
बिन आसमाँ जैसे ज़मीं
हाँ लगे भला या लगे बुरा
मुझको हैं क्या मुझको हैं क्या
मैं खुश नहीं तो तेरी खता
तू खुश नहीं तो मत जता
तुझसे मेरा जीवन जो था
खुद ही तूने हाँ मिटा दिया
बस अब नहीं हाँ अब नहीं
हो चुका बहुत जो भी हुआ
तुझसे रखूँ मैं क्यों वास्ता
तुझसे मुझे मिलता हैं क्या
बस अजनबी हाँ अज़नबी
बन के रहेंगे हम यहाँ
मैंने सही तेरी हर एक अदा
शिकवा भी कब कोई किया
तू जो खिलखिला के हँसी कभी
मैंने अपने ग़म को छुपा लिया
रोई जो कभी मुझे कर के याद
पल भर में तुझको हँसा दिया
अब कह भी दूँ तो होगा क्या
मैं कैसे तुझको दूं सजा
मेरा दिल ही मेरा साथी न हुआ
किसी और की गलती है क्या
जा माफ़ तुझको कर दिया
मुझे भूल जा मुझे भूल जा
अब बस रहम करना इतना
कि न देखूं कभी चेहरा तेरा
मैं पल हूँ एक या एक सदा
तू याद कर या भूल जा......
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