इतने अरसे बाद कुछ कलम ने हरकत की हैं
कि बहुत से भी ज्यादा इस दिल ने हसरत की हैं
पाने को किसी को बेताब इतना रहा हैं
कि सांसो को गिनने की इसने हिम्मत की हैं
ख़ुदा का सजदा किया हैं बंद खुली आँखों से
नींदों से दगा करने की क्या खूब जुर्रत की हैं
तुझे लगता हैं कि ये दीवाना बस ऐसे ही मर जायेगा
याद रख न भूलना कि मैंने सच्ची मोहब्बत की हैं !!
बस थोड़ी दूर हुआ हु तुझसे नहीं शहर से तेरे
तेरी तो हर पल मैंने लाख इबादत की हैं
लिखना पड़ेगा रब्ब को तुझे मेरी तक़्दीरों में
कुछ तो असर लाएगी जो इतनी मिन्नत की हैं
डरना नहीं कभी जो देख ले कोई साया तू
ज़िंदा हूँ तब तक जब तक तुझसे मिल न पाउँगा
मैंने कसम से यार मेरे यकीन कर
साँसों को रोक रखा हैं और मौत से मोहलत ली हैं !!!
कि बहुत से भी ज्यादा इस दिल ने हसरत की हैं
पाने को किसी को बेताब इतना रहा हैं
कि सांसो को गिनने की इसने हिम्मत की हैं
ख़ुदा का सजदा किया हैं बंद खुली आँखों से
नींदों से दगा करने की क्या खूब जुर्रत की हैं
तुझे लगता हैं कि ये दीवाना बस ऐसे ही मर जायेगा
याद रख न भूलना कि मैंने सच्ची मोहब्बत की हैं !!
बस थोड़ी दूर हुआ हु तुझसे नहीं शहर से तेरे
तेरी तो हर पल मैंने लाख इबादत की हैं
लिखना पड़ेगा रब्ब को तुझे मेरी तक़्दीरों में
कुछ तो असर लाएगी जो इतनी मिन्नत की हैं
डरना नहीं कभी जो देख ले कोई साया तू
ज़िंदा हूँ तब तक जब तक तुझसे मिल न पाउँगा
मैंने कसम से यार मेरे यकीन कर
साँसों को रोक रखा हैं और मौत से मोहलत ली हैं !!!
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